सिंगरौली -जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार देर रात एक हाईरिस्क गर्भवती महिला की डिलीवरी से पहले जरूरी जांच न हो पाने के कारण 5 घंटे की देरी हुई। पैथोलॉजी लैब में जांच प्रभावित होने से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है और उन्हें निजी लैब से जांच करानी पड़ रही है।
बाहर से करानी पड़ी जांच, तब हुआ प्रसव:
मंगलवार देर रात तियरा निवासी हाईरिस्क गर्भवती रेखा बसोर को रात 12 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन प्रसव से पहले डॉक्टरों को खून के जमने की क्षमता सहित कुछ जरूरी जांचें करानी थीं, लेकिन अस्पताल की लैब में यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। मजबूरन परिजनों को करीब 1500 रुपये खर्च कर बाहर से जांच करानी पड़ी। रिपोर्ट मिलने के बाद सुबह करीब 5 बजे महिला का सुरक्षित प्रसव कराया जा सका।
5 दिन से रसायन खत्म, तकनीशियन का इंतजार:
अस्पताल में पिछले 5 दिनों से खून के जमने की क्षमता की जांच में इस्तेमाल होने वाला रसायन खत्म है और पुरानी मशीनें भी बार-बार खराब हो रही हैं। वहीं, जिला अस्पताल की एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब में नई मशीनें आए करीब तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए अब तक तकनीशियन नहीं पहुंचे हैं। इसके अलावा हार्मोन और खून की कई अन्य जांचें भी प्रभावित हैं।
स्वास्थ्य विभाग भोपाल को भेजी गई शिकायत:
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि ने बताया कि नई मशीनें अस्पताल में आ चुकी हैं, लेकिन तकनीशियन के आने के बाद ही जांच शुरू हो सकेगी। उन्होंने पुरानी मशीनों में रसायन की कमी से जांच प्रभावित होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग भोपाल को पत्र भेजकर संबंधित कंपनी की शिकायत कर दी गई है। अब आगे की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग स्तर से ही होगी।




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