सुरक्षा, पारदर्शिता और संचालन दक्षता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक पर दिया गया प्रशिक्षण
सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा शुक्रवार को माइनिंग डायरेक्टर इंस्टीट्यूट (एमडीआई), सिंगरौली में एनसीएल इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) पर व्यापक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य केंद्रीकृत तकनीकी एकीकरण के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना, आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करना और संचालन दक्षता में सुधार करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी निगरानी और ऑटोमैटिक बूम बैरियर जैसी आधुनिक प्रणालियों को एक ही डैशबोर्ड पर एकीकृत करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। सत्र में एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स की विशेषताओं पर भी जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से वास्तविक समय में असामान्य गतिविधियों की पहचान, सक्रिय निगरानी और मैनुअल मॉनिटरिंग पर निर्भरता कम की जा सकेगी।
प्रशिक्षण में उन्नत फ्लीट ट्रैकिंग सिस्टम के बारे में बताया गया, जिसमें लाइव जीपीएस अलर्ट के माध्यम से वाहनों के निर्धारित मार्ग से विचलन, सीमा उल्लंघन और ओवरस्पीडिंग की तत्काल जानकारी प्राप्त की जा सकती है। कार्यस्थल सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए आईसीसीसी प्रणाली में हेलमेट और सेफ्टी हार्नेस जैसे सुरक्षा उपकरणों की अनुपस्थिति पर अलर्ट जारी करने की सुविधा की जानकारी भी दी गई।
सत्र के दौरान आग, धुआं, कैमरा छेड़छाड़, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश, लावारिस वस्तुओं सहित अन्य संभावित खतरों की पहचान के लिए स्मार्ट सर्विलांस एवं प्रोएक्टिव हेजर्ड डिटेक्शन प्रणाली का प्रदर्शन किया गया।
इसके अलावा ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) एवं वाहन वर्गीकरण आधारित स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम की जानकारी दी गई, जिससे अधिकृत एवं प्रतिबंधित वाहनों की पहचान आसानी से की जा सकेगी।
एनसीएल की इन-हाउस टीम द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में एनसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों से वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 48 प्रतिभागियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि उन्नत तकनीक और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के समन्वय से आईसीसीसी पहल एनसीएल में सुरक्षा, जवाबदेही, पारदर्शिता और परिचालन दक्षता को और मजबूत करेगी।




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