माडा (सिंगरौली)। माडा थाना क्षेत्र में खाकी को दागदार करने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां थाने में तैनात आवीद नामक आरक्षक (कॉन्स्टेबल) खुद को ‘थानेदार’ समझ बैठा है। चर्चा है कि यह आरक्षक अपनी मर्यादा भूलकर क्षेत्र के एक होटल को अपना ठिकाना बनाए हुए है, जहां आए दिन अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों का जमावड़ा लगता है।
क्या होटल बना अवैध गतिविधियों का अड्डा
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, माडा थाने का यह आवीद नामक आरक्षक क्षेत्र के एक चर्चित होटल में रोजाना घंटों समय बिताता है। इस होटल में आरक्षक की मौजूदगी में ही अवैध रेत और कबाड़ के कारोबार से जुड़े अपराधियों की बैठकें होती हैं। आरोप है कि आरक्षक खुद इन अवैध कारोबारियों को पुलिसिया कार्रवाई से बचाने की गारंटी देता है और उनके लिए ‘प्रोटेक्शन शील्ड’ का काम कर रहा है।
वर्दी की धौंस और ‘थानेदार’ जैसा रसूख
हैरत की बात यह है कि एक अदने से आरक्षक का रसूख माडा थाने में किसी बड़े अधिकारी से कम नहीं है। वह थाने के अन्य स्टाफ पर तो धौंस जमाता ही है, साथ ही आम फरियादियों से भी थानेदार के लहजे में बात करता है। होटल से संचालित होने वाले इस ‘समानांतर थाने’ की वजह से अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें माडा पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की साख दांव पर
थाने की नाक के नीचे चल रहे इस काले खेल ने माडा पुलिस की छवि को पूरी तरह धूमिल कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि एक तरफ माडा क्षेत्र में चोरियां नहीं रुक रही हैं, और दूसरी तरफ पुलिसकर्मी खुद अपराधियों के साथ चौपाल लगा रहे हैं। जनता अब सिंगरौली पुलिस अधीक्षक (SP) से इस भ्रष्ट आरक्षक आवीद के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई और पूरे मामले की जांच की मांग कर रही है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक मामले को संज्ञान लेते हैं या वीडियो है चलेगा आरक्षक का साम्राज्य।




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