SINGRAULI NEWS : सिंगरौली नगर निगम एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मजन मोड़ से इंद्रा चौकी तक स्मार्ट डिम्मेबल स्ट्रीट लाइट लगाने का करीब 92 लाख रुपये का काम बिना किसी सख्त शर्त के निजी कंपनी को सौंप दिया गया है। अब इस पूरे मामले में पारदर्शिता और नियमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दस्तावेज़ के अनुसार, M/s M.R. Electricals, भोपाल को यह काम दिया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि टेंडर मात्र 0.50% Below SOR पर स्वीकृत हुआ है, जो कि बेहद मामूली अंतर है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वास्तव में प्रतिस्पर्धा हुई या सिर्फ औपचारिकता निभाई गई?
और भी हैरानी की बात यह है कि टेंडर में “No Condition” यानी कोई विशेष शर्त नहीं रखी गई। आमतौर पर इतने बड़े प्रोजेक्ट में गुणवत्ता, समयसीमा और जवाबदेही को लेकर कई शर्तें होती हैं, लेकिन यहां पूरी प्रक्रिया को लगभग खुली छूट दे दी गई है।

काम की शुरुआत 23 फरवरी 2026 से दिखायी गई है और इसे 2 महीने में पूरा होना था, यानी 22 अप्रैल 2026 तक काम खत्म हो जाना चाहिए था। लेकिन अब 6 मई 2026 तक जमीनी हकीकत क्या है?
👉 क्या लाइटें लग गईं?
👉 क्या काम पूरा हुआ?
👉 या फिर फाइलों में ही पूरा दिखा दिया गया?
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर अभी भी अंधेरा कायम है, जिससे यह संदेह और गहरा हो जाता है कि कहीं कागजों में काम पूरा दिखाकर भुगतान की तैयारी तो नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
1.78 लाख की अनुमानित लागत आखिर 92 लाख तक कैसे पहुंच गई?
2. बिना शर्त के इतना बड़ा ठेका किस आधार पर दिया गया?
3.जिम्मेदार अधिकारी जवाब क्यों नहीं दे रहे?
अब जरूरत है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और यह पता लगाया जाए कि कहीं यह सिस्टमेटिक भ्रष्टाचार का एक और उदाहरण तो नहीं।
👉 अगर जल्द जवाब नहीं मिला, तो यह मामला बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।
जनता की मांग:
➡️ पूरे प्रोजेक्ट की जांच हो
➡️ भुगतान से पहले फील्ड वेरिफिकेशन हो
➡️ दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो






