एनसीएल अमलोरी परियोजना: डिस्पैच अधिकारी की मनमानी से ट्रांसपोर्टरों में भारी आक्रोश,
स्टीम कोयले की हेरा-फेरी का आरोप
सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) की मिनी रत्न कंपनी कही जाने वाली अमलोरी परियोजना में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहाँ तैनात डिस्पैच अधिकारी श्री चौधरी की कथित मनमानी और तानाशाही रवैये के खिलाफ स्थानीय ट्रांसपोर्टरों में गुस्सा फूट पड़ा है। ट्रांसपोर्टरों ने अधिकारी पर मिलीभगत और बड़े पैमाने पर कोयले की हेरा-फेरी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सर्रा लोडिंग के नाम पर ‘स्टीम’ का खेलआरोप है
डिस्पैच अधिकारी श्री चौधरी द्वारा सर्रा लोडिंग के नाम पर कीमती स्टीम कोयले की अवैध लोडिंग कराई जा रही है। इस हेरा-फेरी के बदले मोटी रकम की वसूली का खेल चल रहा है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यह पूरा खेल लंबे समय से पर्दे के पीछे खेला जा रहा है, जिससे कंपनी के राजस्व को भी चपत लग रही है।
पसंदीदा ट्रांसपोर्टरों पर मेहरबानी, बाकी नजरअंदाजनाराज
ट्रांसपोर्टरों ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि डिस्पैच अधिकारी कुछ चुनिंदा और पसंदीदा ट्रांसपोर्टरों पर खास मेहरबानी बरसा रहे हैं। वहीं, नियमों के तहत काम करने वाले अन्य ट्रांसपोर्टरों को जानबूझकर परेशान और नजरअंदाज किया जा रहा है। इस भेदभावपूर्ण नीति के कारण अब ट्रांसपोर्टरों का धैर्य जवाब दे रहा है।
महाप्रबंधक से शिकायत की तैयारी
परियोजना में व्याप्त इस अव्यवस्था को लेकर ट्रांसपोर्टरों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि डिस्पैच अधिकारी की इस मनमानी की लिखित शिकायत जल्द ही एनसीएल (NCL) के महाप्रबंधक (GM) से की जाएगी।
आंदोलन की चेतावनी
ट्रांसपोर्टरों का साफ कहना है कि अगर महाप्रबंधक स्तर से भी इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं कसी गई, तो वे डिस्पैच अधिकारी के खिलाफ उग्र प्रदर्शन और आवाज उठाने के लिए मजबूर होंगे।






