हाईकोर्ट के आदेश के पालन में चितरंगी तहसील न्यायालय ने जारी किया निर्देश, शासकीय भवनों और ग्राम पंचायत की जमीन से जुड़े मामले में कार्रवाई का इंतजार
सिंगरौली। जिले के चितरंगी विकासखंड की ग्राम पंचायत कर्थुआ में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला चर्चा में है। इस संबंध में तहसील न्यायालय चितरंगी ने राजस्व प्रकरण क्रमांक 0085/अ-68/2024-25 में 1 अक्टूबर 2026 को अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में मिस पिटीशन क्रमांक 1239/2017 में 6 जनवरी 2023 को पारित आदेश के पालन से संबंधित बताया गया है।
प्रकरण में ग्राम पंचायत कर्थुआ की शासकीय आराजी क्रमांक 500, 501 और 503 का उल्लेख किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन जमीनों पर शासकीय भवन, बैगा भवन और ग्रामसेवक भवन निर्मित हैं। संबंधित आराजियों का उल्लेख खसरा वर्ष 2026-27 के राजस्व अभिलेखों में भी होने की बात कही गई है। ऐसे में शासकीय भूमि की स्थिति और उस पर कथित अतिक्रमण को लेकर राजस्व विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
सरपंच पद से जुड़े मामले ने बढ़ाई चर्चा
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि अतिक्रमण से जुड़े प्रकरण में संबंधित व्यक्ति के वर्तमान में ग्राम पंचायत कर्थुआ के सरपंच होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, संबंधित व्यक्ति का पक्ष और प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
आदेश के क्रियान्वयन का इंतजार
तहसील न्यायालय के आदेश के बाद अब निगाहें राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि शासकीय भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए मौके पर कार्रवाई कब की जाएगी और आदेश का पालन किस तरह सुनिश्चित होगा।
शासकीय भूमि और उस पर निर्मित भवनों से जुड़े इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे क्या कदम उठाते हैं और भूमि की वास्तविक स्थिति को लेकर क्या कार्रवाई सामने आती है।




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