वाराणसी के पॉपुलर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान ली अंतिम सांस, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में रही गहरी सक्रियता
सिंगरौली। सितुल खुर्द के सचिव एवं क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शिवकुमार सिंह गहरवार का गुरुवार 8 अक्टूबर की भोर वाराणसी के पॉपुलर हॉस्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे करीब 50 वर्ष के थे। हृदय संबंधी समस्या के चलते पिछले कुछ समय से उनका उपचार नागपुर और वाराणसी में चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वाराणसी के पॉपुलर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

शिवकुमार सिंह गहरवार के निधन की खबर जैसे ही उनके गृह ग्राम ढेंकी और आसपास के क्षेत्र में पहुंची, शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर गृह ग्राम ढेंकी लाया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों, शुभचिंतकों, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद गुरुवार शाम नम आंखों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया।
शिवकुमार सिंह गहरवार की क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में लंबे समय से सक्रिय भूमिका रही। उनका जिले की राजनीति में प्रभाव माना जाता था। वे पूर्व मंत्री जगन्नाथ सिंह और पूर्व विधायक स्व. रामचरित्र के करीबी रहे। क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता और पकड़ का प्रभाव उनके परिवार की सामाजिक-राजनीतिक भागीदारी में भी देखने को मिला। उनकी माता और बहू दोनों सरपंच रह चुकी हैं।
बताया जाता है कि सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, पूर्व विधायक रामलल्लू और देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम सहित विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक लोगों से उनके निकट संबंध रहे। क्षेत्र में सामाजिक कार्यों और लोगों के बीच उनकी सक्रियता के चलते उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी।
उनके असामयिक निधन से क्षेत्र के लोगों में गहरा दुख है। अंतिम संस्कार के दौरान देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम व पूर्व विधायक सुभाष वर्मा, आप जिला अध्यक्ष रतिभान प्रसाद,चंद्र प्रताप विश्वकर्मा, करणी सेना टीम,क्षत्रिय कुलावंत परिवार सहित पत्रकारगण, बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और शुभचिंतक मौजूद रहे। लोगों ने उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिवकुमार सिंह गहरवार अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र प्रिन्स सिंह एवं शौरभ सिंह, पुत्री अमृता सिंह सहित भाई-भतीजों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ ढेंकी और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।




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