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एक चिकित्सक के भरोसे 33 पंचायतों की स्वास्थ्य व्यवस्था, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

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निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों का टोटा: एक चिकित्सक के भरोसे 33 पंचायतों की स्वास्थ्य व्यवस्था, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

सिंगरौली।जिले के निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों की भारी कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई हैं। करीब 33 से अधिक ग्राम पंचायतों की विशाल आबादी के उपचार का जिम्मा वर्तमान में महज एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। प्रतिदिन ओपीडी में दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त डॉक्टरों के अभाव में उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है और समय पर समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इससे पूर्व इस केंद्र में तीन चिकित्सक पदस्थ थे, जिससे व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही थीं। हाल ही में दो डॉक्टरों के चले जाने के बाद से स्थिति गंभीर हो गई है। अकेले एक चिकित्सक के लिए ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों में भर्ती मरीजों की निगरानी करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

क्षेत्रीय ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए तत्काल रिक्त पदों पर चिकित्सकों की पदस्थापना की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ एवं दंत चिकित्सक की नियुक्ति अति आवश्यक है, ताकि महिलाओं व बच्चों को स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ उपचार मिल सके।

इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्र में आधुनिक जांच सुविधाओं की कमी भी बनी हुई है। अस्पताल में ईसीजी और अल्ट्रासाउंड मशीन जैसी बुनियादी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है, जिनके अभाव में मरीजों को जिला मुख्यालय या अन्य निजी सेंटरों पर जाकर जांच करानी पड़ती है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल का निरीक्षण कर जल्द डॉक्टर और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।

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