प्रश्नमंच में प्रथम, गणित-पर्यावरण मॉडल में भी अव्वल; शिक्षा मंत्री ने ‘बाल वैज्ञानिक’ के रूप में किया सम्मानित
सिंगरौली/बैढ़न -: शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ेपन की धारणा को पीछे छोड़ते हुए सिंगरौली जिले के विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा स्थित संदीपनी विद्यालय साईखेड़ा में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान एवं पर्यावरण प्रदर्शनी में प्रदेशभर से चयनित विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में सिंगरौली के विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता और प्रभावी संचार कौशल का प्रदर्शन करते हुए कई उपलब्धियां हासिल कीं।
जिले के विद्यार्थियों ने सबसे कठिन मानी जाने वाली प्रश्नमंच प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। इसके अलावा गणित एवं पर्यावरण आधारित मॉडल प्रतियोगिता में भी सिंगरौली के मॉडल श्रेष्ठ रहे और जिले को प्रथम पुरस्कार मिला।
सघन चयन प्रक्रिया के बाद राज्य स्तर तक पहुंची प्रतिभाएं
राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देश पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) सिंगरौली द्वारा जिला स्तर पर विद्यार्थियों का चयन किया गया। इसके बाद संभाग स्तर पर प्रदर्शन के आधार पर सात विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। मार्गदर्शक शिक्षकों ने विद्यार्थियों को कई महीनों तक वैज्ञानिक सिद्धांतों, गणितीय अवधारणाओं और पर्यावरणीय विषयों पर विशेष तैयारी कराई।
जिले की टीम का मार्गदर्शन सुश्री राजश्री नायक, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय चितरवई कला, श्री शरद पाण्डेय, शासकीय हाई स्कूल शाहपुर और श्री भंवर सिंह, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय जोगियानी ने किया।
चितरवई कला के विद्यार्थियों ने दिखाया दम
सफलता में शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय चितरवई कला के विद्यार्थियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। गणित विषय में छात्र सुमित तिवारी ने अपने तार्किक मॉडल और प्रभावी प्रस्तुति के जरिए प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं सामाजिक विज्ञान में छात्रा निकिता तिवारी ने विषय की गहन समझ और प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित किया। शासकीय हाई स्कूल शाहपुर के छात्र नंद जी साकेत ने वाईफाई एनर्जी ट्रांसफर मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
शिक्षा मंत्री ने कहा- यही बच्चे देश का भविष्य
समापन समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने विजेता विद्यार्थियों को ‘बाल वैज्ञानिक’ की संज्ञा देते हुए कहा कि यही बच्चे भविष्य के वैज्ञानिक, इंजीनियर और नीति निर्माता बनेंगे। उन्होंने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार, मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले की इस उपलब्धि से शिक्षा विभाग और विद्यालयों में खुशी का माहौल है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, डाइट प्राचार्य, शिक्षक संगठनों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा मार्गदर्शक शिक्षकों को बधाई दी। विद्यार्थियों की इस सफलता को राष्ट्रीय स्तर के चयन की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।




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