Menu

टीएचडीसी की लंबित मांगों को लेकर 22 अगस्त से कंपनी का काम बंद कराने की चेतावनी

Ad

सिंगरौली -: टीएचडीसी कंपनी से जुड़ी भू-विस्थापितों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पचौर जीरो में चल रहे आंदोलन के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर विस्थापितों ने अब आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
भू-विस्थापितों की प्रमुख मांगों में वर्ष 2017-18 में हुए सर्वे में भुगतान से छूटे मकानों को शामिल करना, छूटे हुए विस्थापितों के नाम जोड़ना, नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराना, प्रदूषण की समस्या का समाधान और सड़कों की मरम्मत सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में आंदोलन स्थल पर पहुंचे अपर कलेक्टर ने समस्याओं के निराकरण के लिए 15 दिन का समय मांगा था, लेकिन समय सीमा पूरी होने के बाद भी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और न ही प्रशासन की ओर से कोई जानकारी दी गई।
मामले को लेकर 16 अगस्त को ग्राम पचौर में बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 18 अगस्त को कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सिंगरौली को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी जाएगी।
मध्यप्रदेश भू-अर्जन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार पाठक के नेतृत्व में प्रभावित ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो 22 अगस्त 2026 से टीएचडीसी कंपनी का समस्त कार्य बंद कराया जाएगा।
ग्रामीणों ने आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की होने की बात कही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *