सिंगरौली। मानवता और सेवा भावना का एक अनुकरणीय उदाहरण सिंगरौली जिले में देखने को मिला, जहां समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी ने असम से आए एक किशोर के निधन के बाद उसके पार्थिव शरीर को हजारों किलोमीटर दूर उसके गृह राज्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई। उनकी इस संवेदनशील पहल की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार सरई थाना क्षेत्र के कोनी गांव में असम के सोनितपुर जिले निवासी 17 वर्षीय विक्रम बसोर, पिता तुफान बसोर अपने दादा के घर घूमने आया था। इसी दौरान सर्पदंश की चपेट में आने से उसकी दुखद मौत हो गई। घटना के बाद गरीब परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि किशोर के शव को हजारों किलोमीटर दूर असम तक कैसे पहुंचाया जाए।
ऐसे कठिन समय में समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी परिवार के लिए सहारा बनकर सामने आए। उन्होंने बिना देर किए अपने निजी वाहन से शव को असम पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी लेने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने तत्काल कलेक्टर गौरव बैनल से संपर्क किया।
कलेक्टर गौरव बैनल ने मानवीय पहल करते हुए रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से पीड़ित परिवार को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कराई। वहीं, शव को असम पहुंचाने में होने वाला शेष पूरा खर्च प्रेम सिंह भाटी ने स्वयं वहन करने का निर्णय लिया।
उन्होंने शव को सुरक्षित पहुंचाने के लिए दो चालकों की व्यवस्था की और आवश्यक प्रशासनिक अनुमति की प्रक्रिया भी पूरी कराई। इसके बाद विक्रम बसोर के पार्थिव शरीर को परिजनों के साथ असम के लिए रवाना किया गया।
डेढ़ दशक से समाजसेवा में सक्रिय हैं भाटी
समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी पिछले डेढ़ दशक से लगातार जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। इस संवेदनशील पहल के बाद सरई सहित पूरे जिले के लोगों ने उनके कार्य की प्रशंसा की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुख की इस घड़ी में जब परिवार पूरी तरह टूट चुका था, तब प्रेम सिंह भाटी ने आगे बढ़कर मदद का हाथ बढ़ाया और यह साबित किया कि समाज में आज भी मानवता और संवेदनशीलता जीवित है।




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