माड़ी जलाशय की सिंचाई व्यवस्था से छेड़छाड़ के मामले में जियावन थाने में केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
सिंगरौली। माड़ी जलाशय की शासकीय सिंचाई नहर को कथित रूप से क्षतिग्रस्त कर सड़क निर्माण कराने के मामले में ग्राम पंचायत हर्राचंदेल के सरपंच और सचिव के खिलाफ जियावन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जल संसाधन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद पंचायत क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, माड़ी जलाशय की शाखा नहर क्रमांक-2 के किनारे सड़क निर्माण के दौरान नहर में मिट्टी भरकर उसका मूल स्वरूप बदल दिया गया, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। विभाग का कहना है कि ग्राम पंचायत ने सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) लिया था, लेकिन निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया।
उपयंत्री सतेंद्र कुमार बैस और रमेश कुमार साहू ने अनुविभागीय अधिकारी रत्ना द्विवेदी के निर्देश पर थाना जियावन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 22 जून 2026 को निर्माण कार्य रोकने और नहर को पूर्व स्थिति में बहाल करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद 23 जून को अधिकारियों की मौजूदगी में स्थल पंचनामा भी तैयार किया गया।
विभाग का आरोप है कि 25 जून को एनओसी निरस्त किए जाने और दोबारा नोटिस जारी होने के बावजूद जेसीबी मशीन से सड़क निर्माण जारी रखा गया, जिससे नहर को और नुकसान पहुंचा।पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर बीएनएस की धारा 324(3), 3(5) तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। विभाग ने पुलिस को एनओसी, नोटिस, पंचनामा और अन्य संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं। मामले की जांच जारी है।




Leave a Reply