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अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज के सहयोग से सुदूर गांव में पहली बार स्थापित हुआ मोबाइल टावर

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बासी बेरदहा और आसपास के हजारों ग्रामीणों को मिली मोबाइल नेटवर्क एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा

सिंगरौली,  सिंगरौली जिले के घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे दूरस्थ आदिवासी बहुल गांव बासी बेरदहा में पहली बार मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध हुई है। अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज की पहल पर एयरटेल का मोबाइल टावर स्थापित होने से बासी बेरदहा और आसपास के गांवों के हजारों ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकेगा। इससे ग्रामीणों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी योजनाओं और अन्य आवश्यक ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

धिरौली परियोजना के आसपास स्थित इन गांवों में अब तक मोबाइल नेटवर्क के अभाव में ग्रामीणों को रोजमर्रा के कई जरूरी कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था। विशेष रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने में कठिनाई होती थी।

शिक्षा और सरकारी कार्यों में मिलेगी सहूलियत

नेटवर्क की अनुपलब्धता के कारण स्थानीय विद्यालयों में शिक्षकों को बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने, ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने तथा सरकारी पोर्टल पर आवश्यक जानकारी अपडेट करने में दिक्कतें आती थीं। वहीं, विद्यार्थियों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और डिजिटल शिक्षा का लाभ लेने के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मोबाइल टावर की स्थापना से अब शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को इन समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

इसी तरह, नेटवर्क की कमी के कारण सरकारी योजनाओं से संबंधित ऑनलाइन आवेदन, पंजीकरण, ओटीपी सत्यापन और लाभार्थियों के विवरण को अपडेट करने जैसे कार्य भी प्रभावित होते थे। मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से इन प्रक्रियाओं को पूरा करना आसान होगा और ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में सहूलियत मिलेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन संपर्क में भी होगी मदद

मोबाइल नेटवर्क की सुविधा से गांव में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी डिजिटल प्रक्रियाओं को भी गति मिलने की संभावना है। अब स्वास्थ्य संबंधी ऑनलाइन रिकॉर्ड, रिपोर्टिंग, पंजीकरण और आवश्यक जानकारी के आदान-प्रदान में पहले की तुलना में आसानी होगी। इसके अलावा, किसी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में ग्रामीण तत्काल डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और अपने परिजनों से संपर्क कर सकेंगे। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में बसे इन गांवों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी।

ग्रामीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत अदाणी समूह

गौरतलब है कि अदाणी समूह धिरौली और सुलियरी परियोजनाओं के आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में विभिन्न पहल कर रहा है। अदाणी फाउंडेशन ने चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उतानीपाठ गांव को समग्र विकास के लिए चुना है। पड़ोसी बस्ती बासी में बैगा समुदाय के सभी 23 परिवारों तक ऑफ-ग्रिड सोलर प्रणाली के माध्यम से बिजली पहुंचाई जा चुकी है।

वहीं, आदिवासी बहुल उतानीपाठ गांव में जल संरक्षण और जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से दो तालाबों का नवीनीकरण कराया गया है। इसके अतिरिक्त, गांव के 32 परिवारों के 187 लोगों को निःशुल्क सोलर ऑफ-ग्रिड सिस्टम उपलब्ध कराया गया है, जिससे उन्हें बिजली की सुविधा मिल रही है।

मोबाइल टावर की स्थापना से क्षेत्र में डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। इससे दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

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