सिंगरौली -: जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत बूढ़ाडाड़ में डीएमएफ (जिला खनिज प्रतिष्ठान) मद से करीब 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया पहली ही बारिश में जवाब देने लगी है। सेमरा नदी पर बनाई गई इस पुलिया के दोनों किनारों पर भारी कटाव होने और संरचना के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार आदिवासी एवं हरिजन बस्ती के लोगों की आवाजाही को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2026 में ग्राम पंचायत बूढ़ाडाड़ द्वारा डीएमएफ मद से इस पुलिया का निर्माण कराया गया था। लेकिन बरसात शुरू होते ही पुलिया के दोनों ओर मिट्टी का कटाव होने लगा और संरचना को नुकसान पहुंच गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों और गुणवत्ता के अनुरूप कराया गया होता तो पहली ही बारिश में पुलिया की यह स्थिति नहीं बनती। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में लापरवाही और गुणवत्ता से समझौते की आशंका जताते हुए कहा कि इससे शासन की लाखों रुपये की राशि के उपयोग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि देवसर क्षेत्र में इससे पहले भी कई चेक डैम और पुलिया बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से विकास कार्यों की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी व्यवस्था पर चिंता बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पुलिया निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, निर्माण सामग्री और गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।




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