सिंगरौली। नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवीय सोच को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने सिर के बाल मुंडवाकर ऐसा कदम उठाया, जिसने लोगों का ध्यान उनकी सादगी, त्याग और सामाजिक सरोकारों की ओर आकर्षित किया है। उनके इस फैसले को लोगों ने मानवीय मूल्यों और संवेदनशील प्रशासनिक सोच का प्रतीक बताया है।
सविता प्रधान का मानना है कि एक अधिकारी की पहचान केवल उसके पद और जिम्मेदारियों से नहीं होती, बल्कि उसके व्यवहार, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी से भी होती है। बाल मुंडवाने का उनका निर्णय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे उन्होंने सामाजिक संदेश देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।संघर्षों से भरे जीवन का सामना करते हुए प्रशासनिक सेवा तक पहुंचीं सविता प्रधान हमेशा से समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशील रही हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक सेवा का वास्तविक उद्देश्य जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना है।
नगर निगम आयुक्त के इस कदम को शहरवासियों ने सादगी, त्याग और सकारात्मक सोच का उदाहरण बताया है। लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी समाज को अपने आचरण से संदेश देते हैं, तो उसका प्रभाव व्यापक होता है।
सविता प्रधान इससे पहले भी अपने कार्यों और जनहित से जुड़े फैसलों को लेकर चर्चा में रही हैं। उनका यह कदम एक बार फिर यह संदेश देता है कि प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ मानवीय संवेदनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।




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