सासन चौकी क्षेत्र में बढ़ीं भैंस चोरी की घटनाएं, कई शिकायतों के बाद भी नहीं मिलीं मवेशियां; ग्रामीण बोले- पुलिस की ढिलाई ने ले ली एक जान
सिंगरौली। जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत सासन चौकी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भैंस चोरी की घटनाओं के बीच गुरुवार को एक संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। भैंस चोरी प्रकरण के एक अहम गवाह मनमोहन सिंह के बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यदि भैंस चोरी के आरोपियों के खिलाफ समय रहते सख्त कार्रवाई की गई होती तो यह घटना नहीं होती।

ग्रामीणों का कहना है कि सासन चौकी क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से भैंस चोरी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है। कई ग्रामीणों की भैंसें चोरी हो चुकी हैं और इसकी शिकायतें पुलिस से की गईं, लेकिन अधिकांश मामलों में न तो चोरी गई भैंसें बरामद हो सकीं और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई हुई। इससे ग्रामीणों में असुरक्षा और पुलिस के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिन पहले आसमान सिंह गोंड की चार भैंसें चोरी हो गई थीं। भैंस मालिक ने स्वयं तलाश करते हुए देवसर क्षेत्र में कथित रूप से नसीम मोहम्मद, मुन्ना, सत्ता अली और मुफाक को भैंसें बेचते हुए पकड़ लिया था। इसकी सूचना सासन पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और भैंसों को बरामद कर मालिक के सुपुर्द कर दिया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपियों को कुछ घंटे थाने में बैठाने के बाद छोड़ दिया गया और उनके विरुद्ध कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि मनमोहन सिंह के बेटे ने भैंस चोरी के दौरान आरोपियों को देखा था और उनके नाम भी सार्वजनिक किए थे। वह इस मामले का महत्वपूर्ण गवाह माना जा रहा था। गुरुवार को उसे गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की परिस्थितियां संदिग्ध बताई जा रही हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि भैंस चोरी के मामले में आरोपियों के नाम सामने आने के कारण ही युवक को निशाना बनाया गया। हालांकि पुलिस ने अभी तक हत्या की आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी होने की बात कही है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि क्षेत्र में बढ़ रही भैंस चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में पुलिस की ढिलाई से अपराधियों के हौसले बुलंद हुए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और चोरी की घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।






