वाराणसी। आज काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित विश्वनाथ मंदिर के प्रांगण में यूजीसी द्वारा लाए गए काले कानून के विरोध में सवर्ण समाज के छात्रों द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों से आए बड़ी संख्या में सवर्ण छात्र उपस्थित रहे। बैठक के दौरान छात्र नेता अभिषेक सिंह ने यूजीसी के इस नए कानून पर गंभीर चिंता व्यक्त की और इसे छात्रहित एवं देशहित के खिलाफ बताया। छात्र नेता अभय सिंह मिक्कू कहा कि इस कानून में कई ऐसी खामियाँ हैं, जो न केवल छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं,
बल्कि विश्वविद्यालय परिसर में आपसी सौहार्द को भी नुकसान पहुँचा सकती हैं, छात्र नेता आशुतोष सिंह यीशु ने आशंका जताई कि इस कानून के कारण छात्रों के बीच द्वेष और विभाजन की भावना पैदा हो सकती है, जो किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए उचित नहीं है। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि सरकार द्वारा इस काले कानून को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो इसके खिलाफ लगातार विरोध किया जाएगा। छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। आने वाले समय में प्रतीकात्मक विरोध, बैठकें और विचार-विमर्श के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग पहुँचाने की रणनीति बनाई जाएगी।
इस अवसर पर छात्र आलोक उपाध्याय ने आभार व्यक्त करते हुए एकजुटता का संदेश दिया और कहा कि वे छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। बैठक में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के लगभग सभी विभागों के छात्र मौजूद रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस कानून को लेकर छात्रों में व्यापक असंतोष है।






