पांच हाईवा पकड़े जाने के बाद बढ़ा विवाद, रणधीर सिंह के खिलाफ एफआईआर की मां
माड़ा थाना परिसर में देर रात हुआ हंगामा, ट्रांसपोर्टरों ने लगाए मारपीट और अवैध वसूली के आरोप; एसपी कार्यालय पहुंचकर दी शिकायत
सिंगरौली। माड़ा थाना क्षेत्र में राखड़ परिवहन कर रहे पांच हाईवा वाहनों को पकड़े जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय लोगों ने जनपद सदस्य माड़ा रणधीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित ज्ञापन सौंपा। शिकायतकर्ताओं ने मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, माड़ा थाना परिसर में देर रात उस समय हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई, जब जनपद सदस्य रणधीर सिंह द्वारा राखड़ परिवहन कर रहे पांच हाईवा वाहनों को पकड़कर थाने में खड़ा कराया गया। वाहनों को पकड़े जाने की सूचना मिलने पर वाहन मालिक विजय नारायण शाह, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अजय शाह, कोयलखुद सरपंच प्रतिनिधि चंद्रे शाह, पड़री सरपंच प्रतिनिधि संजय सिंह सहित दर्जनों लोग माड़ा थाना पहुंच गए और थाने के सामने धरने पर बैठ गए।
चालकों से मारपीट और वसूली का आरोप
धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि रजमिलान क्षेत्र के आदिवासी वाहन चालकों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। साथ ही हर चक्कर पर 500 रुपये देने का दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने रणधीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की।मामले की सूचना मिलने पर मोरवा एसडीओपी अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद देर रात धरना समाप्त हुआ।
एफआईआर नहीं होने पर एसपी कार्यालय पहुंचे ट्रांसपोर्टर
बताया जा रहा है कि 24 घंटे बाद भी रणधीर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होने से मामला एक बार फिर गरमा गया। इसके बाद बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर और समाज के लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सड़क पर वाहनों को रोककर कार्रवाई करने का अधिकार आखिर किसे है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों की गिरफ्तारी की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो घेराव की चेतावनी
ज्ञापन देने पहुंचे लोगों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय और माड़ा थाना का घेराव करने के लिए आंदोलन करेंगे। हालांकि, लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर पुष्टि होना अभी बाकी है।
नकाबपोश लोगों की भी जांच कर रही पुलिस
मामले को लेकर मोरवा एसडीओपी अमित कुमार ने बताया कि रणधीर सिंह के समर्थन में कुछ नकाबपोश लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे थे। पुलिस द्वारा घटनास्थल के वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पांच हाईवा वाहनों को पकड़े जाने से शुरू हुआ विवाद दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस जांच तक पहुंच गया है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वाहनों को किस परिस्थिति में रोका गया, चालकों के साथ क्या हुआ और लगाए गए अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है।




Leave a Reply