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बिना मुआवजे मकान ढहाने के आदेश से भड़के किसान, जिला पंचायत सदस्य ने कलेक्टर से लगाई रोक की गुहार

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सिंगरौली। चितरंगी क्षेत्र की कुंदन गोल्ड माइंस सिधार परियोजना से प्रभावित किसानों के सामने मकान और जमीन से जुड़े विवाद को लेकर संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों का आरोप है कि नियमानुसार मुआवजा राशि का भुगतान किए बिना ही उनके मकानों को ढहाने का प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया गया है। कार्रवाई की आशंका से किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी है।

मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य अशोक सिंह ‘पैगाम’ ने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसान लंबे समय से मुआवजा, पुनर्वास और विस्थापन नीति के तहत मिलने वाले अधिकारों की मांग को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखते आ रहे हैं। कई बार ज्ञापन दिए जाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने का आरोप है।

अशोक सिंह ‘पैगाम’ ने कहा कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना मकानों को गिराने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए और जब तक प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा एवं अन्य पात्र लाभ नहीं मिल जाते, तब तक मकान गिराने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

किसानों का कहना है कि अचानक मकान हटाए जाने की कार्रवाई से उनके सामने रहने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रभावित परिवारों के पक्ष को सुनने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

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