सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की मोरवा विस्थापन नीति के विरोध में आज मोरवा शहर में बंद का असर देखने को मिला। स्थानीय व्यापारियों, नागरिकों और विभिन्न वार्डों से पहुंचे विस्थापितों ने बाजार बंद रखकर विस्थापन नीति के नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बंद के दौरान छोटी-बड़ी अधिकांश दुकानें बंद रहीं और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर ताले लटके नजर आए।
सुबह से ही मोरवा के विभिन्न वार्डों से प्रभावित एवं विस्थापित नागरिक एकत्र होने लगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी रैली के रूप में एनसीएल के केंद्रीय मुख्यालय पहुंचे और वहां नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्तमान विस्थापन एवं पुनर्वास नीति में प्रभावित परिवारों और स्थानीय व्यापारियों के हितों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया है।
विस्थापितों ने जमीन, परिसंपत्तियों के मुआवजे तथा पुनर्वास से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं व्यापारियों का कहना है कि विस्थापन की प्रक्रिया से लंबे समय से संचालित उनके कारोबार और रोजगार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रभावित व्यापारियों के लिए समुचित पुनर्वास की व्यवस्था की मांग की।
प्रदर्शन को देखते हुए एनसीएल मुख्यालय के आसपास पुलिस और सुरक्षा बल तैनात रहे। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन जारी रखने की बात कही।
विस्थापन नीति के विरोध में मोरवा बंद, एनसीएल मुख्यालय पहुंचे विस्थापित




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