सिंगरौली -: हिंडालको महान की ओर से विस्थापित कॉलोनी में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के कुल 550 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क गणवेश एवं पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया गया। अध्ययन सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में पावर प्लांट हेड प्रांजल पाठक ने छात्र-छात्राओं को गणवेश एवं पाठ्य पुस्तकें वितरित कीं। वहीं सीएसआर प्रमुख संजय सिंह ने भी बच्चों को अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा जीवन की सबसे अमूल्य पूंजी : प्रांजल पाठक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पावर प्लांट हेड प्रांजल पाठक ने कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे अमूल्य चीज है। उन्होंने कहा कि जीवन में धन-संपत्ति और अन्य संसाधनों का महत्व है, लेकिन शिक्षा ऐसी पूंजी है जिसे कोई छीन नहीं सकता। शिक्षा व्यक्ति को सही और गलत में अंतर समझने, आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की क्षमता देती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे नियमित रूप से विद्यालय आएं, मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने शिक्षकों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनें। आज की मेहनत ही आने वाले कल की सफलता की नींव रखती है। इसलिए बच्चों को अपने समय का सदुपयोग करते हुए पढ़ाई के साथ खेलकूद, अनुशासन और अच्छे संस्कारों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
प्रांजल पाठक ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में आगे बढ़ने की क्षमता होती है। जरूरत केवल अपने लक्ष्य को पहचानने और उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की है। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलता से निराश न होने की सलाह देते हुए कहा कि असफलता भी सीखने का एक अवसर है। जो विद्यार्थी मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़ता है, उसके लिए सफलता का रास्ता जरूर बनता है।
उन्होंने कहा कि बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। उनके बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा के साथ उचित वातावरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। हिंडालको महान अपने सामाजिक दायित्वों के तहत शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देता है और क्षेत्र के बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने बच्चों से अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने विद्यालय, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करें।
माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करें : संजय सिंह
सीएसआर प्रमुख संजय सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को नियमित रूप से अपने माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता और गुरुजनों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की परंपरा बच्चों में संस्कार और विनम्रता का भाव पैदा करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाने और शिक्षा के साथ-साथ अपने चरित्र निर्माण पर भी ध्यान देने का आह्वान किया।कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य गोपाल विश्वकर्मा मौजूद रहे। उन्होंने हिंडालको महान की ओर से विद्यार्थियों को गणवेश एवं पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया और इस सहयोग को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में विजय वैश्य एवं भोला वैश्य का विशेष योगदान रहा। विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों ने हिंडालको महान के इस सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।




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