एक दिन में 1.62 इंच वर्षा दर्ज, जिले में अभी भी औसत से 6 इंच कम बारिश
सिंगरौली। जिले में बुधवार से शुरू हुई रुक-रुककर बारिश गुरुवार को भी जारी रही। बारिश से जहां शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी और लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी, वहीं ग्रामीण इलाकों में धान की फसल को इसका सीधा लाभ मिला है। लगातार हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
सिंगरौली तहसील में सर्वाधिक बारिश दर्ज
भू-अभिलेख एवं भू-संसाधन प्रबंधन विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह तक जिले में औसतन 1.62 इंच वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 2.57 इंच बारिश सिंगरौली तहसील क्षेत्र में हुई। इसके अलावा देवसर में 1.64 इंच, सरई में 0.99 इंच, चितरंगी में 0.64 इंच और माड़ा क्षेत्र में 0.63 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई।
एक जून से अब तक जिले में कुल 16.14 इंच औसत बारिश दर्ज हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 22.26 इंच बारिश हुई थी। इस तरह इस वर्ष अभी तक करीब 6.12 इंच बारिश कम हुई है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 48.53 इंच मानी जाती है।
शहर के कई इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित
बारिश के कारण बैढ़न, विंध्यनगर, नवजीवन विहार, तेलगवां और मोरवा के निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर धीमी गति से यातायात संचालित हुआ। लगातार बारिश के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत भी मिली।
धान की फसल को मिला फायदा, किसानों में खुशी
दूसरी ओर चितरंगी, देवसर, सरई और माड़ा क्षेत्र के किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। धान की रोपाई कर चुके किसानों का कहना है कि लगातार मिल रही नमी से फसल की बढ़वार बेहतर होगी। खेतों में पर्याप्त पानी मिलने से सिंचाई की जरूरत भी कम होगी।
किसानों के अनुसार समय पर हुई बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां किसान बारिश को लेकर उत्साहित हैं, वहीं प्रशासन को शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने की चुनौती बनी हुई है।




Leave a Reply